National News
16 अक्टूबर को भारतीय नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत 'समर्थक', जानें इसकी खासियत
🔴 Breaking
⭐ Featured
📈 Trending
भारतीय नौसेना 16 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के कारवार नौसैनिक अड्डे पर स्वदेशी मल्टी-पर्पज वेसल 'समर्थक' को अपने बेड़े में शामिल करेगी। L&T द्वारा निर्मित यह जहाज समुद्री निगरानी, गश्त, बचाव अभियान और आपदा राहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
16 अक्टूबर को नौसेना की ताकत बढ़ाएगा स्वदेशी 'समर्थक', समुद्री निगरानी से आपदा राहत तक निभाएगा अहम भूमिका
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026। भारतीय नौसेना की समुद्री अभियान क्षमताओं को नई मजबूती मिलने जा रही है। 16 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के कारवार स्थित नौसैनिक अड्डे पर भारत के पहले मल्टी-पर्पज वेसल (बहुउद्देश्यीय जहाज) 'समर्थक' को नौसेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा। इस स्वदेशी जहाज का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने केंद्र सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत किया है।
'समर्थक' भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे चार बहुउद्देश्यीय जहाजों में पहला है। नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन विवेक मधवाल के अनुसार, इस जहाज का नौसेना में शामिल होना रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
समुद्री निगरानी से लेकर राहत और बचाव तक
'समर्थक' को समुद्री निगरानी, गश्त और कम तीव्रता वाले नौसैनिक अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। यह नौसेना के विभिन्न परीक्षणों, लक्ष्य तैनाती और मानव रहित समुद्री प्रणालियों के संचालन में भी उपयोगी होगा।
इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मानवीय सहायता, राहत सामग्री पहुंचाने और बचाव कार्यों में भी इस जहाज की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। जरूरत पड़ने पर इसे सीमित चिकित्सा सुविधाओं वाले हॉस्पिटल शिप के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
स्वदेशी सेंसर और आधुनिक हथियारों से लैस
इस बहुउद्देश्यीय जहाज में एकीकृत कॉम्बैट सूट के साथ स्वदेशी सेंसर, हथियार और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियां लगाई गई हैं। इनका उद्देश्य चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में नौसेना की अभियान क्षमता को बढ़ाना है।
जहाज का प्रतीक चिह्न और ध्येय वाक्य
'समर्थक' के प्रतीक चिह्न में समुद्री लहरों से उभरता भारतीय हाथी दर्शाया गया है, जो शक्ति, बुद्धिमत्ता और फुर्ती का प्रतीक है। इसका ध्येय वाक्य 'विजयार्थम् एकनिष्ठता' है, जिसका अर्थ है—विजय ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है।
भारत में निर्मित 'समर्थक' का नौसेना में शामिल होना स्वदेशी रक्षा निर्माण और समुद्री सुरक्षा क्षमताओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।