नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को प्रस्तावित INDIA गठबंधन की रैली को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। बीजेपी ने रैली की तारीख पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी से कार्यक्रम की तारीख बदलने की मांग की है। भाजपा का कहना है कि यह तारीख 1984 के सिख विरोधी दंगों की दर्दनाक यादों से जुड़ी है और ऐसे समय में राजनीतिक रैली आयोजित करना संवेदनशीलता का विषय है।
रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 1 नवंबर को ही रैली करने की इतनी जिद क्यों है? प्रसाद ने दावा किया कि INDIA गठबंधन के कुछ सहयोगी दल भी इस तारीख से सहमत नहीं हैं और कार्यक्रम आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। हालांकि, इन कथित असहमतियों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है।
सिख समुदाय की भावनाओं का मुद्दा
रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी रैली की तारीख बदलने को तैयार नहीं हैं और इससे सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है। उन्होंने इस निर्णय की कड़ी आलोचना की। हालांकि, यह बीजेपी का राजनीतिक आरोप है और राहुल गांधी की मंशा के बारे में इसे स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
1984 के सिख विरोधी दंगों का ऐतिहासिक संदर्भ
31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सिख विरोधी हिंसा हुई थी। इन घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और हजारों परिवार प्रभावित हुए। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए बीजेपी ने 1 नवंबर की तारीख पर सवाल उठाए हैं।
INDIA गठबंधन की रैली का उद्देश्य क्या है?
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली को 'दिल्ली चलो' मार्च के समापन कार्यक्रम के रूप में पेश किया गया है। विपक्षी दल इस अभियान के जरिए निर्वाचन आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। ये विपक्ष के आरोप हैं, जिनकी जांच और पुष्टि अलग विषय है।
कांग्रेस का दावा, 10 लाख लोग होंगे शामिल
कांग्रेस ने दावा किया है कि 'वोट चोरी' के खिलाफ मार्च में कम से कम 10 लाख लोग शामिल होंगे। पार्टी इसे लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनसमर्थन जुटाने की पहल बता रही है। हालांकि, यह संख्या आयोजकों का अनुमान है, वास्तविक उपस्थिति का सत्यापित आंकड़ा नहीं।
दिल्ली की सियासत में बढ़ी हलचल
फिलहाल इस विवाद का मुख्य केंद्र रैली की तारीख और उससे जुड़ी ऐतिहासिक संवेदनशीलता है। बीजेपी की आपत्ति, राहुल गांधी पर लगाए गए आरोप और INDIA गठबंधन की राजनीतिक रणनीति ने राष्ट्रीय राजधानी की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।