मुंबई। आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित फिल्म 'हनुमान अंश' इन दिनों अपनी बॉक्स ऑफिस सफलता के साथ-साथ निर्माताओं के बीच कथित मतभेदों को लेकर चर्चा में है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, लगभग ₹2 से ₹3 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में करीब ₹452.86 करोड़ की कमाई की है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिल्म की बढ़ती लोकप्रियता के बीच अब इसके प्रचार, अधिकारों और व्यावसायिक फैसलों को लेकर विवाद की खबरें सामने आई हैं।
फिल्म की सफलता के बाद क्यों शुरू हुई चर्चा?
रिपोर्टों के अनुसार, 'हनुमान अंश' की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर धीमी रही थी, लेकिन बाद में दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ने से फिल्म ने बड़ी सफलता हासिल की। इसके साथ ही निर्माताओं के बीच पब्लिसिटी और मीडिया में मिलने वाले श्रेय को लेकर मतभेद होने की चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, संबंधित सभी पक्षों की ओर से किसी व्यक्तिगत विवाद की एक जैसी पुष्टि नहीं की गई है।
प्रोडक्शन कंपनी ने जारी किया आधिकारिक बयान
फिल्म से जुड़ी कंपनी स्वयंभू मीडिया नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड की ओर से जारी बयान में नम्रता जी सिंह और डॉ. विशाल चतुर्वेदी को अधिकृत एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स बताया गया है। बयान के अनुसार, फिल्म के पब्लिक रिलेशन, मार्केटिंग, अवॉर्ड्स और पार्टनरशिप से जुड़ा समन्वय अधिकृत चैनलों के माध्यम से किया जाएगा।
फिल्म के अधिकारों को लेकर क्या कहा गया?
कंपनी ने स्पष्ट किया कि फिल्म के थिएट्रिकल, ओटीटी, ब्रॉडकास्ट, म्यूजिक और अन्य व्यावसायिक अधिकारों से जुड़े फैसले आपसी समझौते के निर्धारित नियमों के अनुसार होंगे। बयान में कहा गया कि किसी एक व्यक्ति को अकेले फिल्म के अधिकारों से संबंधित सौदा करने की अनुमति नहीं है।
चारों प्रोड्यूसर्स की मंजूरी जरूरी
आधिकारिक स्पष्टीकरण में नम्रता जी सिंह, डॉ. विशाल चतुर्वेदी, रागिनी सोना और अनुप्रिया नागर को फिल्म के निर्माता बताया गया है। कंपनी के अनुसार, संबंधित समझौते के तहत प्रचार, साझेदारी और अधिकारों से जुड़े निर्णयों के लिए चारों निर्माताओं की मंजूरी आवश्यक है।
क्या फिल्म के अगले भाग पर पड़ेगा असर?
मीडिया रिपोर्टों में आशंका जताई गई है कि कथित मतभेदों का असर फिल्म के संभावित अगले भाग पर पड़ सकता है। हालांकि, सीक्वल रद्द होने या निर्माण रुकने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल कंपनी का बयान फिल्म से जुड़े व्यावसायिक फैसलों और सार्वजनिक संवाद की प्रक्रिया स्पष्ट करने पर केंद्रित है।