मुंबई: साउथ सिनेमा से लेकर बॉलीवुड तक अपनी खास पहचान बनाने वाली अभिनेत्री रश्मिका मंदाना ने फिल्मों में स्किन शो, कॉस्ट्यूम और कलाकारों की व्यक्तिगत सीमाओं को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है। फिल्म 'पेद्दी' में जान्हवी कपूर के किरदार की प्रस्तुति पर छिड़ी बहस के बीच रश्मिका का यह बयान चर्चा में आ गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जरूरत से ज्यादा बॉडी एक्सपोज करने में सहज महसूस नहीं करतीं और किसी भी प्रोजेक्ट की शुरुआत से पहले अपनी सीमाएं बता देती हैं। कॉफी विद करण 9 में हुई बातचीत रिपोर्ट के अनुसार, करण जौहर के लोकप्रिय चैट शो 'कॉफी विद करण 9' में रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा शामिल हुए। बातचीत के दौरान करण ने राम चरण और जान्हवी कपूर की फिल्म 'पेद्दी' को लेकर सोशल मीडिया पर उठे सवालों का जिक्र किया। कुछ दर्शकों ने फिल्म में जान्हवी के किरदार को जरूरत से ज्यादा ग्लैमरस और कामुक अंदाज में प्रस्तुत किए जाने पर आपत्ति जताई थी। इसी संदर्भ में करण ने रश्मिका से पूछा कि क्या वह फिल्मों में अपनी ऑनस्क्रीन प्रस्तुति और कपड़ों को लेकर पहले से सीमाएं तय करती हैं। स्किन शो पर रश्मिका ने क्या कहा? रश्मिका ने बताया कि हर कलाकार की अपनी पसंद और सहजता होती है। कुछ किरदारों में खास तरह के कपड़ों या बिकिनी जैसी पोशाक की मांग हो सकती है, लेकिन वह ऐसे मामलों में फिल्म निर्माताओं को पहले ही अपनी असहजता के बारे में बता देती हैं। अभिनेत्री के मुताबिक, वह अपने काम को गंभीरता से लेती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें अपनी व्यक्तिगत सीमाओं से समझौता करना पड़े। उन्होंने कहा कि ज्यादातर निर्देशक उनकी बात समझते हैं और उनके फैसले का सम्मान करते हैं। कलाकारों के लिए जरूरी है सुरक्षित माहौल रश्मिका ने इस बात पर जोर दिया कि फिल्म सेट पर ऐसा वातावरण होना चाहिए, जहां अभिनेता और अभिनेत्रियां बिना डर या झिझक के अपनी परेशानियां बता सकें। उनके अनुसार, किसी दृश्य या कॉस्ट्यूम को लेकर असहज होने पर कलाकार को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। विजय देवरकोंडा ने किया समर्थन बातचीत के दौरान विजय देवरकोंडा ने कहा कि फिल्म साइन करने के बाद कलाकारों पर कई तरह के दबाव आ सकते हैं। कई बार उन्हें यह महसूस कराया जाता है कि प्रोजेक्ट स्वीकार करने के बाद किसी दृश्य से इनकार करना गैर-पेशेवर व्यवहार माना जाएगा। विजय के मुताबिक, कलाकारों को ऐसे भरोसेमंद लोगों का साथ मिलना चाहिए, जो जरूरत पड़ने पर उन्हें अपनी बात मजबूती से रखने और 'ना' कहने का आत्मविश्वास दें। रश्मिका ने भी स्वीकार किया कि कुछ परिस्थितियों में वह विजय से सलाह लेती हैं। उन्होंने कहा कि किसी काम को लेकर असहजता महसूस होने पर सही निर्णय लेना हमेशा आसान नहीं होता। 'पेद्दी' विवाद से उठी बड़ी चर्चा राम चरण अभिनीत और बुची बाबू सना निर्देशित फिल्म 'पेद्दी' में जान्हवी कपूर की प्रस्तुति पर उठे सवालों ने मनोरंजन जगत में कलाकारों की सहमति, कॉस्ट्यूम और रचनात्मक स्वतंत्रता पर नई बहस छेड़ दी है। रश्मिका और विजय की टिप्पणियों ने इसी चर्चा के बीच यह सवाल सामने रखा है कि फिल्म निर्माण के दौरान कलाकारों की पसंद और व्यक्तिगत सीमाओं को कितना महत्व दिया जाना चाहिए।
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'स्किन शो में सहज नहीं हूं', पेद्दी विवाद पर रश्मिका मंदाना ने बताईं अपनी सीमाएं
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