वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद का धमाका, 10 साल की उम्र में जड़ा शानदार शतक
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में कम उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी के परिवार से एक और युवा प्रतिभा सुर्खियों में है। उनके महज 10 वर्षीय छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने स्थानीय क्रिकेट मुकाबले में शानदार शतकीय पारी खेलकर क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया है। आशीर्वाद ने मुश्किल परिस्थितियों में अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
87 गेंदों में नाबाद 107 रन
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आशीर्वाद सूर्यवंशी ने स्थानीय आयु-वर्ग क्रिकेट मुकाबले में 87 गेंदों पर नाबाद 107 रन बनाए। उनकी पारी में 14 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल बाउंड्री से 80 रन जुटाए, जबकि बाकी 27 रन दौड़कर बनाए।
कम उम्र में इतनी बड़ी पारी खेलना उनकी बल्लेबाजी क्षमता, आत्मविश्वास और मैदान पर एकाग्रता को दर्शाता है। खास बात यह रही कि आशीर्वाद ने दबाव के बावजूद अपना विकेट नहीं गंवाया और टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद की।
मुश्किल समय में टीम के लिए बने सहारा
रिपोर्ट के मुताबिक, मुकाबले में आशीर्वाद की टीम के अन्य बल्लेबाज बड़ा योगदान नहीं दे सके। एक छोर से लगातार विकेट गिरने के बावजूद आशीर्वाद ने संयम बनाए रखा और जरूरत के अनुसार आक्रामक बल्लेबाजी की।
उनकी इस यादगार पारी की बदौलत टीम ने 2 विकेट से रोमांचक जीत हासिल की। बताया गया है कि मैच का स्कोरकार्ड उनके बड़े भाई उज्ज्वल सूर्यवंशी ने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद आशीर्वाद के प्रदर्शन की चर्चा बढ़ गई।
पहले भी दिखा चुके हैं बल्लेबाजी का दम
यह पहला मौका नहीं है जब आशीर्वाद सूर्यवंशी ने स्थानीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया हो। रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 में भी वह लगातार शतकीय पारियों के कारण चर्चा में आए थे। इससे संकेत मिलता है कि वह नियमित अभ्यास और मैच अनुभव के साथ अपनी बल्लेबाजी को बेहतर बना रहे हैं।
वैभव सूर्यवंशी की राह पर छोटे भाई
वैभव सूर्यवंशी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के कारण युवा क्रिकेट प्रतिभाओं में चर्चित नाम हैं। अब उनके छोटे भाई आशीर्वाद भी क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन भविष्य में बड़े क्रिकेट मंच पर सफलता की गारंटी नहीं होता। इसके लिए निरंतर अभ्यास, फिटनेस, तकनीकी सुधार और उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा जरूरी है।
फिलहाल 10 साल के आशीर्वाद की नाबाद सेंचुरी ने यह जरूर दिखाया है कि सूर्यवंशी परिवार में क्रिकेट के प्रति उत्साह और प्रतिभा दोनों मौजूद हैं।